भारत का म्यूचुअल फंड सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। दिसंबर 2025 तक इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट बढ़कर करीब 80.23 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। यह एक साल में लगभग 20 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है।
इसी तेजी को देखते हुए अब म्यूचुअल फंड कंपनियां निवेशकों को जागरूक करने के लिए मैदान में उतर रही हैं। शहरों के साथ-साथ अब छोटे कस्बों और इलाकों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
HDFC म्यूचुअल फंड ने हाल ही में “बचत से आज़ादी” अभियान के तहत सात शहरों में नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को बचत, SIP और लंबे समय तक निवेश के फायदे आसान तरीके से समझाए गए।
वहीं Franklin Templeton ने निवेशक जागरूकता के लिए कन्याकुमारी से कश्मीर तक एक विशेष अभियान शुरू किया है। करीब 4,000 किलोमीटर की इस यात्रा में 21 शहरों को शामिल किया गया है, जहां लोगों से सीधे बातचीत की जा रही है।
इस अभियान में किसानों, छात्रों, महिलाओं और नौकरीपेशा लोगों को म्यूचुअल फंड और फाइनेंशियल प्लानिंग की बुनियादी जानकारी दी जा रही है। खास तौर पर महिलाओं को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की इस ग्रोथ में SIP की बड़ी भूमिका रही है। दिसंबर 2025 तक SIP के जरिए निवेश बढ़कर 16.63 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह कुल म्यूचुअल फंड निवेश का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है।
अब निवेश का रुझान सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और कस्बों से आने वाला निवेश लगातार बढ़ रहा है, जो यह दिखाता है कि म्यूचुअल फंड की पहुंच देश के अंदरूनी इलाकों तक हो रही है।
AMFI भी इस दिशा में काम कर रहा है। डाक विभाग के साथ मिलकर पोस्टमैन को म्यूचुअल फंड से जुड़ी ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि ग्रामीण इलाकों में निवेश को और आसान बनाया जा सके।
कुल मिलाकर, म्यूचुअल फंड कंपनियां अब सीधे लोगों तक पहुंचकर निवेश की समझ बढ़ाने पर काम कर रही हैं, जिससे लंबी अवधि में निवेशकों की भागीदारी और बढ़ सकती है।

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